Wednesday, December 24, 2008

ताऊ ताऊ ताऊ ताऊ ...और केवल ताऊ

कल मैंने ताऊ का पोस्ट पढ़ा...पढ़ कर मज़ा आ गया...बस उसी वक्त मन में कुछ शरारत करने की इच्छा जाग उठी और मैंने आव् देखा न ताव बस लिख दी एक कविता..अब कविता है या नही ये तो आप लोग फ़ैसला करेंगे ..मैंने तो बस लिख दिया .....ताऊ अगर मैंने किसी भी तरह से या इस कविता के माध्यम से आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाया हो तो हमें आप हमारी पहली गलती मान कर माफ़ कर देंगे .....
पहले सोचा की इस कविता को ताऊ के पोस्ट पर ही जाके टिपियाया जाए ....फिर मन में एक लालच हो उठी...सोचा इसे अपने ब्लॉग पर ही प्रकाशित करता हूँ...कुछ हिट्स शायद मिल जाए...और कुछ अच्छे कमेंट्स भी...
नया नया हूँ इस ब्लॉग की दुनिया में इसलिए ऐसी बातें मन में आना स्वाभाविक है.......
ताऊ आपसे फिर अनुरोध है की इसे अन्यथा ना ले..और गलती के लिए माफ़ करें....



एक था ताऊ बड़ा होशियार
शरारत करने में हरदम तैयार
सबको बुद्धू बनाता था वो
अच्छे मजे उडाता था वो,

एक बार एक मास्टर आया
उसने ताऊ को सबक सिखाया
था वो मास्टर बड़ा चालाक
सर पे टोपी हाथ में डंडा
हरदम लेता ताऊ की क्लास ,

अब तो ताऊ बड़ा घबराया
खुराफाती दिमाग को उसने जगाया
कुछ उसने करने की ठानी
अब तो मास्टर को याद आनी थे नानी ,


ताऊ ने चली ऐसी चाल
हो गया मास्टर का हाल बेहाल
बाप बाप कर के वो भागा
फिर से ताऊ का परचम लहराया

16 comments:

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

सबको बुद्धू बनाता था वो
*VERY GOOD







PLEASE VISIT MY BLOG...........

Arvind Mishra said...
This comment has been removed by the author.
Ratan Singh Shekhawat said...

भाई अमित अब ताऊ का नाम आए और पोस्ट पर हिट और टिप्पणियों की वर्षा न हो ऐसा कैसे हो सकता है | और हाँ ताऊ बड़े विशाल हृदयी है कभी नाराज नही होते |
ताऊ पर कविता शानदार लगी |

Arvind Mishra said...

आह वाह ताऊ तो छा गए हैं लोगों के दिलो दिमाग पर !

PD said...

मस्त लिखा है भाई.. बहुत बढ़िया.. :)

ताऊ रामपुरिया said...

एक बार एक मास्टर आया
उसने ताऊ को सबक सिखाया
था वो मास्टर बड़ा चालाक
सर पे टोपी हाथ में डंडा
हरदम लेता ताऊ की क्लास ,


वाह भाई अमित पसन्द आया आपकी कविता का अंदाज ! धन्यवाद !

रामराम !

Pankaj said...

very good Amit Bhai

P.N. Subramanian said...

ताऊ पर समर्पित कविता रंग ला रही है.

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

ताऊ की जैजैकार तो हर तरफ़ ही हो रही है!

seema gupta said...

ताऊ ने चली ऐसी चाल
हो गया मास्टर का हाल बेहाल
बाप बाप कर के वो भागा
फिर से ताऊ का परचम लहराया
"wah great"
Regards

रंजना [रंजू भाटिया] said...

ताऊ जी की महिमा अपरम्पार :)

mehek said...

waah taunama bahut rang laya badhai.

cmpershad said...

अरे वाह बन्धु! अच्छी तरकीब निकाली अपने सेल्स प्रमोशन की। ताउ न हुआ बिकाऊ हो गया ऐसा न हो कि ओवर एक्स्पोजर से उबाऊ हो जाय़॥:)

Amit said...

हमारी कविता पसंद करने के लिए आप सभी को धन्यवाद

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

वाह्! भई बहुत बढिया.यो 'ताऊ-पुराण'तो घणा ई चोखा रचेया सै.
लगे रहो

डा० अमर कुमार said...


बेहतरीन प्रयास और उत्कृष्ट बन गई यह रचना !