Saturday, January 17, 2009

क्या आप दुखी हैं ? हैं तो आप स्वस्थ हैं ...


चौक गए | अजी बिल्कुल मत चौकिए , वैज्ञानिको ने इस सम्बन्ध में काफ़ी खोज किया है और निष्कर्ष ये निकाला है की अगर आप दुखी हैं तो ये आपके स्वास्थ के लिए अच्छा है |

हम सभी किसी न किसी तरह बुरे वक्त से गुजरते हैं , चाहे यह एक रिश्ते टूटने से हो , किसी की मौत से हो , प्रेमी , प्रेमिका के अलगाव से हो या वैश्विक वित्तीय संकट के वर्तमान चरण में , हमें नौकरी खोने से हो | और इन सब चीजों से बचने के लिए हम वही हरी-पीले दवा लेते हैं | मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदती प्रवृत्ति से वास्तव में मानव विकास प्रभावित हो सकता है | उनका कहना है की ऐसी घटनाएं विकासवादी उद्देश्य में कार्य करता है | वैज्ञानिकों का मानना है कि उदासी मनुष्य के लिए एक कार्य की तरह है : यह हमें मदद करता है अपनी गलतियों से सीख लो |
Professor Jerome Wakefield कहते हैं : "When you find something this deeply in us biologically you presume it was selected because it had some advantage - otherwise we wouldn't have been burdened with it".

हाल ही में मैंने इसपर २-३ लेख पढ़ा | मैं यहाँ लिंक दे रहा हूँ आप लोग भी पढ़े |
Depression Should Be Embraced, Not Medicated

Feeling blue? Stop worrying... depression is good for you, say scientists

Sadness is good for health: study



Photographs courtesy:google

19 comments:

विवेक सिंह said...

सुख दुख आए जाए !

अच्छी जानकारी करा दी !

आभार !

Arvind Mishra said...

अमित भाई ये वैज्ञानिक भी ऐसे ही उल्टी सीधी हांकते रहते हैं -देखियेगा कुछ समय बाद सुख का माहात्म्य गाय जायेगा ! डोन्ट टेक थेम सीरियसली !

PN Subramanian said...

.अब हम दुखी हो गये यह जानकर कि स्वास्थ्य के लिए दुखी होना ज़रूरी है.

PD said...

आज कल खूब पढ़ रहे हो.. बढ़िया है.. :)

सुशील कुमार छौक्कर said...

पता नही वैज्ञानिक क्या क्या खोचते रहते हैं?

Nirmla Kapila said...

िस रोचक जानकारी के लिये धन्य्वाद्

ताऊ रामपुरिया said...

कभी खुशी कभी गम. :)

रामराम.

संगीता पुरी said...

यानि कि मेरी सेहत खराब है....मैं खुश जो रहा करती हूं...अच्‍छा है बता दिया...आज से ही दुखी हो जाती हूं।

विनय said...

क्या बात कह रहे हो? सच, मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा!

---मेरे पृष्ठ
गुलाबी कोंपलेंचाँद, बादल और शामतकनीक दृष्टा/Tech Prevue

कुश said...

थोड़े आँसू है थोड़ी हँसी... आज गम है तो कल है खुशी..

Dev said...

Bahut achchhi jankari....

Dukh ti hai jeevan ka ssar, yahi hai jeevan aadhar....Dukh ke bad hi shuk shuk lagta hai....

Regards..

Udan Tashtari said...

आभार इस लिंक के लिए.

mamta said...

चलिए अब दुःख मे दुखी रहने की कोई जरुरत नही है । :)

विनीता यशस्वी said...

Apki post padhne ko baad to itna hi kaha sakti hu - thank god mai swasthya bhi hu aur khush bhi....

आशुतोष दुबे "सादिक" said...

dukh to kuch der ke liye accha hai ,par hamesha ke liye nahi.

sandhyagupta said...

Badi rochak jankari di aapne to!

अनूप शुक्ल said...

हम दुखी हो गये।

अविनाश said...

सुंदर लेख. बेहतरीन ब्लॉग. मेरे ब्लॉग पर टिप्पणी का धन्यवाद

हरि said...

अच्‍छी पोस्‍ट। .......जब दुख ही न होगा तो सुख का अहसास कैसे होगा।