Saturday, December 20, 2008

मर कर भी जिन्दा रहता है

कहते हैं प्यार कभी नही मरता है
मर कर भी जिन्दा रहता है
शायद सही ही कहते है
इसलिए ये एहसास आज भी होता है


कमबख्त क्यूँ जिन्दा है ये
मैंने तो कभी नही चाहा
क्यूँ मरता नही ये एहसास
दूर जाके फिर क्यूँ आता है ये पास


हसरते अधूरी रह गयी
अरमानों की बलि चढ़ गई
जाते हुए उन्हें बस देखते रहे
हाथ तो बढाया पर रोक न सके


कहती थी खुदा की यही मर्ज़ी है
खुदा ने भी दगा किया मेरे साथ
अपनी मर्ज़ी उन्हें बता दी और
मेरी मर्ज़ी कही दफना दी


तड़पने का अंदाज़ भी अब बदल रहा है
चेहरे पर हसीं पर दिल जल रहा है
वो लम्हे भुलाए न भूलती है
आगे निकल गए हैं हम ,
पर वो यादें पीछा नही छोड़ती है

Thursday, December 18, 2008

पासवर्ड चोरी हो सकता है

अगर आप इन्टरनेट एक्स्प्लोरर इस्तेमाल कर रहे हैं तो कोई भी आपका पासवर्ड हैक मतलब की चोरी कर सकता है....इन्टरनेट एक्स्प्लोरर जिसकी निर्माता माइक्रोसॉफ्ट है उसने ख़ुद ये बात स्वीकार की है और अपील की है कि लोग तब तक इस ब्राउजर का उपयोग ना करें जब तक वो कोई समाधान ढूँढ नही लेती ....

अभी तक दस हज़ार वेबसाइट इससे संक्रमित हो चुके है...माइक्रोसॉफ्ट के लोग एक पैच बनाने में जुटे हुए हैं जिसे हमें अपने सिस्टम में चलाना पड़ेगा ....उसके बाद ही हमारा आई डी और पासवर्ड सुरक्षित हो सकेगा ...अभी तक जो भी केस सामने आया है वो जयादा तर उसमे जयादा यूजर IE7 इसतेमाल कर ते थे ..ऐसा क्यूँ होता है इसके बहुत सारे कारण है.. वो कभी मैं आराम से लिखूंगा ...

अभी तो बस आपलोगों से निवेदन है कि आपलोग इन्टरनेट एक्स्प्लोरर ना इस्तेमाल करे ...आपके पास दूसरे विकल्प भी हैं ..जैसे....

Google Chrome(recommended)
Mozilla Firefox,
Opera....

बाक्सिंग ? ये क्या होता है ? क्या ? गेम है ये ? गेम का मतलब तो क्रिकेट होता है न जी ..

बाक्सिंग ? ये क्या होता है ? क्या ? गेम है ये ? गेम का मतलब तो क्रिकेट होता है जी ...
क्या ये भी गेम है ?अच्छा होगा मुझे क्या ? पर मुझे क्यूँ बता रहे हो ये सब ?
अच्छा अच्छा तुम ये गेम खेलते हो क्या ?क्या कहा तुम बॉक्सर हो ? अच्छा अच्छा जैसे क्रिकेटर वैसे बॉक्सर ..
क्या कहा अभी अभी वर्ल्ड चैंपियनशिप मैं पदक जीत कर आए हो ? लेकिन न्यूज़ में तो कुछ नही देखा मैंने ..तुम झूठ बोल रहे हो ..ऐसा हो सकता है क्या , वर्ल्ड बाक्सिंग चैंपियनशिप जीत कर आओ और तुम्हारा स्वागत हो ?

यही हुआ है .ऊपर की लाइंस मेरे अन्तर मन के बातें है ...अब जरा हमारे बाक्सिंग चैंपियंस जो की वर्ल्ड बाक्सिंग चैंपियनशिप से पदक ले कर आए हैं , की हालत देखिये ...कहीं चर्चा नही है, अरे जनता की छोडिये बाक्सिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया तक को उनकी सुध - बुध नही है . एअरपोर्ट पर उनके स्वागत करने के लिए कोई नही था... वो तो भला हो उन टैक्सी वालो का जिनलोगों ने उन्हें घर तक छोडा...हाँ जी बोक्सिंग असोसिएशन ने एक कार तक नही भेजा उनके लिए .

हमारे देश में क्रिकेट को छोड़कर और गेम का कमोबेश यही हाल है ...पदक जीतने के बाद भी उतना सम्मान नही मिलता है ..कोई पूछता तक भी नही है ...कोई न्यूज़ तक नही बनता ...नही नही ये न्यूज़ जरुर बनता है की उनका सम्मान होना चाहिए ..ऐसे में हम ओल्य्मपिक में पदक जीतने का
हम सपना देखते है , वाह रे हम ....जब कोई सम्मान मिले शाबाशी मिले तो कोई क्यूँ खेले ये गेम ...पैसे की तो मैं चर्चा तक नही कर रहा ....मज़े की बात तोये है की यही मीडिया, यही लोग जम के फटकार लगाते है जब हम ओल्य्मपिक में कोई पदक नही जीत पाते है.....

यार अगर थोडी से शाबाशी दे दोगे तो कोई क्यूँ नही खेलेगा ...हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नही है...
चलिए कम से कम आप उन्हें शाबाशी दे दीजिये ...